वे दोनों बराबर मिट्टी में मिल जाते हैं, और कीड़े उन्हें ढांक लेते हैं।
24उसकी दोहनियां दूध से और उसकी हडि्डयां गूदे से भरी रहती हैं।
25और कोई अपने जीव में कुढ़ कुढ़कर बिना सुख भोगे मर जाता है।
26वे दोनों बराबर मिट्टी में मिल जाते हैं, और कीड़े उन्हें ढांक लेते हैं।
28तुम कहते तो हो कि रईस का घर कहां रहा? दुष्टों के निवास के डेरे कहां रहे?
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