यशायाह 65:10

मेरी प्रजा जो मुझे ढूंढ़ती है, उसकी भेंड़- बकरियां तो शारोन में चरेंगी, और उसके गाय- बैल आकोर नाम तराई में विश्राम करेंगे।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 65

8यहोवा यों कहता है, जिस भांति दाख के किसी गुच्छे में जब नया दाखमधु भर आता है, तब लोग कहते हैं, उसे नाश मत कर, क्योंकि उस में आशीष है; उसी भांति मैं अपने दासों के निमित्त ऐसा करूंगा कि सभों को नाश न करूंगा।

9मैं याकूब में से एक वंश, और यहूदा में से अपने पर्वतों का एक वारिस उत्पन्न करूंगा; मेरे चुने हुए उसके वारिस होंगे, और मेरे दास वहां निवास करेंगे।

10मेरी प्रजा जो मुझे ढूंढ़ती है, उसकी भेंड़- बकरियां तो शारोन में चरेंगी, और उसके गाय- बैल आकोर नाम तराई में विश्राम करेंगे।

11परन्तु तुम जो यहोवा को त्याग देते और मेरे पवित्रा पर्वत को भूल जाते हो, जो भाग्य देवता के लिये मेंज पर भोजन की वस्तुएं सजाते और भावी देवी के लिये मसाला मिला हुआ दाखमधु भर देते हो;

12मैं तुम्हें गिन गिनकर तलवार का कौर बनाऊंगा, और तुम सब घात होने के लिये झुकोगे; क्योंकि, जब मैं ने तुम्हें बुलाया तुम ने उत्तर न दिया, जब मैं बोला, तब तुम ने मेरी न सुनी; वरन जो मुझे बुरा लगता है वही तुम ने नित किया, और जिस से मैं अप्रसन्न होता हूं, उसी को तुम ने अपनाया।।

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