और वे परमेश्वर के भवन के आसपास इसलिये रात बिताते थे, कि उसकी रक्षा उन्हें सौंपी गई थी, और भोर- भोर को उसे खोलना उन्हीं का काम था।
27और वे परमेश्वर के भवन के आसपास इसलिये रात बिताते थे, कि उसकी रक्षा उन्हें सौंपी गई थी, और भोर- भोर को उसे खोलना उन्हीं का काम था।
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