हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
11दुष्टों को घर विनाश हो जाता है, परन्तु सीधे लोगों के तम्बू में आबादी होती है।
12ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
13हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
15भोला तो हर एक बात को सच मानता है, परन्तु चतुर मनुष्य समझ बूझकर चलता है।
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