और हे एदेर के गुम्मट, हे सिरयोन की पहाड़ी, पहिली प्रभुता अर्थात् यरूशलेम का राज्य तुझे मिलेगा।।
6यहोवा की यह वाणी है, उस समय मैं प्रजा के लंगड़ों को, और बरबस निकाले हुओं को, और जिन को मैं ने दु:ख दिया है उन सब को इकट्ठे करूंगा।
7और लंगड़ों को मैं बचा रचाूंगा, और दूर किए हुओं को एक सामर्थी जाति कर दूंगा; और यहोवा उन पर सिरयोन पर्वत के ऊपर से सदा राज्य करता रहेगा।।
8और हे एदेर के गुम्मट, हे सिरयोन की पहाड़ी, पहिली प्रभुता अर्थात् यरूशलेम का राज्य तुझे मिलेगा।।
9अब तू क्यों चिल्लाती है? क्या तुझ में कोई राजा नहीं रहा? क्या तेरा युक्ति करनेवाला नाश हो गया, जिस से जच्चा स्त्री की नाईं तुझे पीड़ा उठती है?
10हे सिरयोन की बेटी, जच्चा स्त्री की नाईं पीड़ा उठाकर उत्पन्न कर; क्योंकि अब तू गढ़ी में से निकलकर मैदान में बसेगी, वरन बाबुल तक जाएगी; वहीं तू छुड़ाई जाएगी, अर्थात् वहीं यहोवा तुझे तेरे शत्रुओं के वश में से छुड़ा लेगा।।
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