दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरनिये और शास्त्री।
3और उन्हों ने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हवालात में रखा क्योंकि सन्धया हो गई थी।
5दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरनिये और शास्त्री।
7और उन्हें बीच में खड़ा करके पूछने लगे, कि तुम ने यह काम किस सामर्थ से और किस नाम से किया है?
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