और सारे स्वर्गदूत, उस सिंहासन और प्राचीनों और चारों प्राणियों के चारों ओर खड़े हैं, फिर वे सिंहासन के साम्हने मुंह के बल गिर पड़े; और परमेश्वर को दण्डवत् करके कहा, आमीन।
11और सारे स्वर्गदूत, उस सिंहासन और प्राचीनों और चारों प्राणियों के चारों ओर खड़े हैं, फिर वे सिंहासन के साम्हने मुंह के बल गिर पड़े; और परमेश्वर को दण्डवत् करके कहा, आमीन।
13इस पर प्राचीनों में से एक ने मुझ से कहा; ये श्वेत वस्त्रा पहिने हुए कौन हैं? और कहां से आए हैं?
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