तुम ईश्वर को किस के समान बताओगे और उसकी उपमा किस से दोगे?
16लबानोन की ईधन के लिये थोड़ा होगा और उस में के जीव- जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे।
17सारी जातियां उसके साम्हने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।।
18तुम ईश्वर को किस के समान बताओगे और उसकी उपमा किस से दोगे?
19मूरत! कारीगर ढालता है, सोनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चान्दी की सांकलें ढालकर बनाता है।
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