क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए?
14मैं सभा और मण्डली के बीच में प्राय: सब बुराइयों में जा पड़ा।।
15तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना।
16क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए?
17यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो।
18तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह,
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