और वह सूर और सैदा के लोगों से बहुत अप्रसन्न था; सो वे एक चित्त होकर उसके पास आए और बलास्तुस को, जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकर मेल करता चाहा; क्योंकि राजा के देश से उन के देश का पालन पोषण होता था।
18भोर को सिपाहियों में बड़ी हलचल होने लगी, कि पतरस क्या हुआ।
20और वह सूर और सैदा के लोगों से बहुत अप्रसन्न था; सो वे एक चित्त होकर उसके पास आए और बलास्तुस को, जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकर मेल करता चाहा; क्योंकि राजा के देश से उन के देश का पालन पोषण होता था।
21और ठहराए हुए दिन हेरोदेस राजवस्त्रा पहिनकर सिंहासन पर बैठा; और उन को व्याख्यान देने लगा।
22और लोग पुकार उठे, कि यह तो मनुष्य का नहीं परमेश्वर का शब्द है।
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