मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी? मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी? क्योंकि तू अपक्की जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपके विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी।
4मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी? मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी? क्योंकि तू अपक्की जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपके विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी।
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