वह उस कष्टदाई समुद्र में से होकर उसकी लहरें दबाता हुआ जाएगा और नील नदी का सब गहिरा जल सूख जाएगा। और अश्शूर का घमण्ड तोड़ा जाएगा और मि का राजदण्ड जाता रहेगा।
11वह उस कष्टदाई समुद्र में से होकर उसकी लहरें दबाता हुआ जाएगा और नील नदी का सब गहिरा जल सूख जाएगा। और अश्शूर का घमण्ड तोड़ा जाएगा और मि का राजदण्ड जाता रहेगा।
12मैं उन्हें यहोवा द्वारा पराक्रमी करूंगा, और वे उसके नाम से चलें फिरेंगे, यहोवा की यही वाणी है।।
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