हरिन, चिकारे, यखमूर और तैयार किए हुए पक्षी क्योंकि महानद के इस पार के समस्त देश पर अर्थात् तिप्सह से लेकर अज्जा तक जितने राजा थे, उन सभों पर सुलैमान प्रभुता करता, और अपने चारों ओर के सब रहनेवालों से मेल रखता था।
22और सुलैमान की एक दिन की रसोई में इतना उठता था, अर्थात् तीस कोर मैदा,
23साठ कोर आटा, दस तैयार किए हुए बैल और चराइयों में से बीस बैल और सौ भेड़- बकरी और इनको छोड़
24हरिन, चिकारे, यखमूर और तैयार किए हुए पक्षी क्योंकि महानद के इस पार के समस्त देश पर अर्थात् तिप्सह से लेकर अज्जा तक जितने राजा थे, उन सभों पर सुलैमान प्रभुता करता, और अपने चारों ओर के सब रहनेवालों से मेल रखता था।
26फिर उसके रथ के घोड़ों के लिये सुलैमान के चालीस हज़ार थान थे, और उसके बारह हज़ार सवार थे।
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