वे बंधुओं की नाई गड़हे में इकट्ठे किए जाएंगे और बन्दीगृह में बन्द किए जाएंगे; और बहुत दिनों के बाद उनकी सुधि ली जाएगी।
20और मचान की नाई डोलेगी; वह अपने पाप के बोझ से दबकर गिरेगी और फिर न उठेगी।।
21उस समय ऐसा होगा कि यहोवा आकाश की सेना को आकाश में और पृथ्वी के राजाओं को पृथ्वी ही पर दण्ड देगा।
22वे बंधुओं की नाई गड़हे में इकट्ठे किए जाएंगे और बन्दीगृह में बन्द किए जाएंगे; और बहुत दिनों के बाद उनकी सुधि ली जाएगी।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें