जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
6कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
8जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
9कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
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