भूमि की उपज सब के लिये है, वरन खेती से राजा का भी काम निकलता है।
7क्योंकि स्वप्नों की अधिकता से व्यर्थ बातों की बहुतायत होती है: परन्तु तू परमेश्वर को भय मानना।।
9भूमि की उपज सब के लिये है, वरन खेती से राजा का भी काम निकलता है।
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