लाठियां भी भूसे के समान गिनी जाती हैं; वह बछ के चलने पर हंसता है।
27वह लोहे को पुआल सा, और पीतल को सड़ी लकड़ी सा जानता है।
28वह तीर से भगाया नहीं जाता, गोफन के पत्थर उसके लिये भूसे से ठहरते हैं।
29लाठियां भी भूसे के समान गिनी जाती हैं; वह बछ के चलने पर हंसता है।
30उसके निचले भाग पैने ठीकरे के समान हैं, कीच पर मानो वह हेंगा फेरता है।
31वह गहिरे जल को हंडे की नाई मथ्ता हैे उसके कारण नील नदी मरहम की हांडी के समान होती है।
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