भवन के भीतर उस ते एक दर्शन स्थान यहोवा की वाचा का सन्दूक रखने के लिये तैयार किया।
17उसके साम्हने का भवन अर्थात् मन्दिर की लम्बाई चालीस हाथ की थी।
19भवन के भीतर उस ते एक दर्शन स्थान यहोवा की वाचा का सन्दूक रखने के लिये तैयार किया।
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