कि कोई ईश्वर के विरूद्ध सज्जन का, और आदमी का मुक़ मा उसके पड़ोसी के विरूद्ध लड़े।
19अब भी स्वर्ग में मेरा साक्षी है, और मेरा गवाह ऊपर है।
20मेरे मित्रा मुझ से घृणा करते हैं, परन्तु मैं ईश्वर के साम्हने आंसू बहाता हूँ,
21कि कोई ईश्वर के विरूद्ध सज्जन का, और आदमी का मुक़ मा उसके पड़ोसी के विरूद्ध लड़े।
22क्योंकि थोड़े ही वष के बीतने पर मैं उस मार्ग से चला जाऊंगा, जिस से मैं फिर वापिस न लौटूंगा।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें