परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
22पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
24परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
26और जो घमण्ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
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