जो कटि में फेंटे बान्धे हुए, सिर में छोर लटकती हुई रंगीली पगड़ियां पहिने हुए, और सब के सब अपनी कसदी जन्मभूमि अर्थात् बाबुल के लोगों की रीति पर प्रधानों का रूप धरे हुए थे,
13तब मैं ने देखा कि वह भी अशुद्ध हो गई; उन दोनों बहिनों की एक ही चाल थी।
15जो कटि में फेंटे बान्धे हुए, सिर में छोर लटकती हुई रंगीली पगड़ियां पहिने हुए, और सब के सब अपनी कसदी जन्मभूमि अर्थात् बाबुल के लोगों की रीति पर प्रधानों का रूप धरे हुए थे,
16तब उनको देखते ही वह उन पर मोहित हुई और उनके पास कसदियों के देश में दूत भेजे।
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