होशे 11:4

मैं उनको मनुष्य जानकर प्रेम की डोरी से खींचता था, और जैसा कोई बैल के गले की जोत खोलकर उसके साम्हने आहार रख दे, वैसा ही मैं ने उन से किया।

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2परन्तु जितना वे उनको बुलाते थे, उतना ही वे भागे जाते थे; वे बाल देवताओं के लिये बलिदान करते, और खुदी हुई मूरतों के लिये धूप जलाते गए।।

3मैं ही एप्रैम को पांव- पांव चलाता था, और उनको गोद में लिए फिरता था, परन्तु वे न जानते थे कि उनका चंगा करनेवाला मैं हूं।

4मैं उनको मनुष्य जानकर प्रेम की डोरी से खींचता था, और जैसा कोई बैल के गले की जोत खोलकर उसके साम्हने आहार रख दे, वैसा ही मैं ने उन से किया।

5वह मि देश में लौटने न पाएगा; अश्शूर ही उसका राजा होगा, क्योंकि उस ने मेरी ओर फिरने से इनकार कर दिया है।

6तलवार उनके नगरों में चलेगी, और उनके बेड़ों को पूरा नाश करेगी; और यह उनकी युक्तियों के कारण होगा।

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