उत्पत्ति 34:25

तीसरे दिन, जब वे लोग पीड़ित पड़े थे, तब ऐसा हुआ कि शिमोन और लेवी नाम याकूब के दो पुत्रों ने, जो दीना के भाई थे, अपनी अपनी तलवार ले उस नगर में निधड़क घुसकर सब पुरूषों को घात किया।

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23क्या उनकी भेड़- बकरियां, और गाय- बैल वरन उनके सारे पशु और धन सम्पत्ति हमारी न हो जाएगी? इतना की करें कि हम लोग उनकी बात मान लें, तो वे हमारे संग रहेंगे।

24सो जितने उस नगर के फाटक से निकलते थे, उन सभों ने हमोर की और उसके पुत्रा शकेम की बात मानी; और हर एक पुरूष का खतना किया गया, जितने उस नगर के फाटक से निकलते थे।

25तीसरे दिन, जब वे लोग पीड़ित पड़े थे, तब ऐसा हुआ कि शिमोन और लेवी नाम याकूब के दो पुत्रों ने, जो दीना के भाई थे, अपनी अपनी तलवार ले उस नगर में निधड़क घुसकर सब पुरूषों को घात किया।

26और हमोर और उसके पुत्रा शकेम को उन्हों ने तलवार से मार डाला, और दीना को शकेम के घर से निकाल ले गए।

27और याकूब के पुत्रों ने घात कर डालने पर भी चढ़कर नगर को इसलिये लूट लिया, कि उस में उनकी बहिन अशुद्ध की गई थी।

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