इस से मनुष्य झुकते, और बड़े मनुष्य प्रणाम करते हैं, इस कारण उनको क्षमा न कर!
7उनका देश चान्दी और सोने से भरपूर है, और उनके रथ अनगिनित हैं।
9इस से मनुष्य झुकते, और बड़े मनुष्य प्रणाम करते हैं, इस कारण उनको क्षमा न कर!
10यहोवा के भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टान में घुस जा, और मिट्टी में छिप जा।
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