उसके साम्हने पवित्राता और धार्मिकता से जीवन भर निडर रहकर उस की सेवा करते रहें।
73और वह शपथ जो उस ने हमारे पिता इब्राहीम से खाई थी।
74कि वह हमें यह देगा, कि हम अपने शत्रुओं के हाथ से छुटकर।
75उसके साम्हने पवित्राता और धार्मिकता से जीवन भर निडर रहकर उस की सेवा करते रहें।
77कि उसके लोगों को उद्धार का ज्ञान दे, जो उन के पापों की क्षमा से प्राप्त होता है।
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