तब उस ने पास जाकर उसका हाथ पकड़ के उसे उठाया; और उसका ज्वर उस पर से उतर गया, और वह उन की सेवा- टहल करने लगी।।
29और वह तुरन्त आराधनालय में से निकलकर, याकूब और यूहन्ना के साथ शमौन और अन्द्रियास के घर आया।
30और शमौन की सास ज्वर से पीड़ित थी, और उन्हों ने तुरन्त उसके विषय में उस से कहा।
31तब उस ने पास जाकर उसका हाथ पकड़ के उसे उठाया; और उसका ज्वर उस पर से उतर गया, और वह उन की सेवा- टहल करने लगी।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें