सब पवित्रा लोग तुम्हें नमस्कार करते हैं।
11निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
12एक दूसरे को पवित्रा चुम्बन से नमस्कार करो।
13सब पवित्रा लोग तुम्हें नमस्कार करते हैं।
14प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्वर का प्रेम और पवित्रा आत्मा की सहभागिता तुम सब के साथ होती रहे।।
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