अपने वस्त्रा नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
12तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते- पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ।
13अपने वस्त्रा नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
15सिरयोन में नरसिंगा फूंको, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो;
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