सभोपदेशक 12:3

उस समय घर के पहरूये कांपेंगे, और बलवन्त झुक जायंगे, और पिसनहारियां थोड़ी रहने के कारण काम छोड़ देंगी, और झरोखों में से देखनेवालियां अन्धी हो जाएगी,

प्रसंग सहित पढ़ें · सभोपदेशक 12

1अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख, इस से पहिले कि विपत्ति के दिन और वे वर्ष आएं, जिन में तू कहे कि मेरा मन इन में नहीं लगाता।

2इस से पहिले कि सूर्य और प्रकाश और चन्द्रमा और तारागण अंधेरे हो जाएं, और वर्षा होने के बादल फिर घिर जाएं;

3उस समय घर के पहरूये कांपेंगे, और बलवन्त झुक जायंगे, और पिसनहारियां थोड़ी रहने के कारण काम छोड़ देंगी, और झरोखों में से देखनेवालियां अन्धी हो जाएगी,

4और सड़क की ओर के किवाड़ बन्द होंगे, और चक्की पीसने का शब्द धीमा होगा, और तड़के चिड़िया बोलते ही एक उठ जाएगा, और सब गानेवालियों का शब्द धीमा हो जाएगा।

5फिर जो ऊंचा हो उस से भय खाया जाएगा, और मार्ग में डरावनी वस्तुएं मानी जाएंगी; और बादाम का पेड़ फूलेगा, और टिड्डी भी भारी लगेगी, और भूख बढ़ानेवाला फल फिर काम न देगा; क्योंकि मनुष्य अपने सदा के घर को जायेगा, और रोने पीटनेवाले सड़क सड़क फिरेंगे।

सभोपदेशक 12 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ