तब मैं ने दृष्टि की और क्या देख, कि मेरी ओर एक हाथ बढ़ा हुआ है और उस में एक पुसतक है।
7सो चाहे वे सुनें या न सुनें; तौभी तू मेरे वचन उन से कहना, वे तो बड़े बलवई हैं।
9तब मैं ने दृष्टि की और क्या देख, कि मेरी ओर एक हाथ बढ़ा हुआ है और उस में एक पुसतक है।
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