वह डर की बात पर हंसता, और नहीं घबराता; और तलवार से पीछे नहीं हटता।
20क्या उसको टिड्डी की सी उछलने की शक्ति तू देता है? उसके कुंक्कारने का शब्द डरावना होता है।
22वह डर की बात पर हंसता, और नहीं घबराता; और तलवार से पीछे नहीं हटता।
23तर्कश और चमकता हुआ सांग ओर भाला उस पर खड़खड़ाता है।
24वह रिस और क्रोध के मारे भूमि को निगलता है; जब नरसिंगे का शब्द सुनाई देता है तब वह रूकता नहीं।
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