तौभी उस ने अपने आप को बे- गवाह न छोड़ा; किन्तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्द से भरता रहा।
16उस ने बीते समयों में सब जातियों को अपने अपने मार्गों में चलने दिया।
17तौभी उस ने अपने आप को बे- गवाह न छोड़ा; किन्तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्द से भरता रहा।
18यह कहकर भी उन्हों ने लोगों को कठिनता से रोका कि उन के लिये बलिदान न करें।।
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