धर्मी पेट भर खाते पाता है, परन्तु दुष्ट भूखे ही रहते हैं।।
23निर्बल लोगों को खेती बारी से बहुत भोजनवस्तु मिलती है, परन्तु ऐसे लोग भी हैं जो अन्याय के कारण मिट जाते हैं।
24जो बेटे पर छड़ी नहीं चलाता वह उसका बैरी है, परन्तु जो उस से प्रेम रखता, वह यत्न से उसको शिक्षा देता है।
25धर्मी पेट भर खाते पाता है, परन्तु दुष्ट भूखे ही रहते हैं।।
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