तब उस ने उन से यह दृष्टान्त कहा।
1सब चुंगी लेनेवाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
2और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।।
3तब उस ने उन से यह दृष्टान्त कहा।
5और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
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