वे जब दाखमधु पी चुकते हैं तब वेश्यागमन करने में लग जाते हैं; उनके प्रधान लोग निरादर होने से अधिक प्रीति रखते हैं।
17एप्रैम मूरतों का संगी हो गया है; इसलिये उसको रहने दे।
18वे जब दाखमधु पी चुकते हैं तब वेश्यागमन करने में लग जाते हैं; उनके प्रधान लोग निरादर होने से अधिक प्रीति रखते हैं।
19आंधी उनको अपने पंखों में बान्धकर उड़ा ले जाएगी, और उनके बलिदानों के कारण उनकी आशा टूट जाएगी।।
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