और जो वस्तुएं मरारीवंशियों को सौंपी जाएं कि वे उनकी रक्षा करें, वे निवास के तख्ते, बेंड़े, खम्भे, कुर्सियां, और सारा सामान; निदान जो कुछ उसके बरतने में काम आए;
34इन में से जितने पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी उन सभों की गिनती छ: हजार दो सौ थी।
36और जो वस्तुएं मरारीवंशियों को सौंपी जाएं कि वे उनकी रक्षा करें, वे निवास के तख्ते, बेंड़े, खम्भे, कुर्सियां, और सारा सामान; निदान जो कुछ उसके बरतने में काम आए;
37और चारों ओर के आंगन के खम्भे, और उनकी कुर्सियां, खूंटे और डोरियां हों।
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