जब वह संकट में पड़े, तब क्या ईश्वर उसकी दोहाई सुनेगा?
7मेरा शत्रु दुष्टों के समान, और जो मेरे विरूद्ध उठता है वह कुटिलों के तुल्य ठहरे।
9जब वह संकट में पड़े, तब क्या ईश्वर उसकी दोहाई सुनेगा?
10क्या वह सर्वशक्तिमान में सुख पा सकेगा, और हर समय ईश्वर को पुकार सकेगा?
11मैं तुम्हें ईश्वर के काम के विषय शिक्षा दूंगा, और सर्वशक्तिमान की बात मैं न छिपाऊंगा
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