तब वह दक्खिनी फाटक से होकर मुझे भीतरी आंगन में ले गया, और उस ने दक्खिनी फाटक को मापकर वैसा ही पाया।
28तब वह दक्खिनी फाटक से होकर मुझे भीतरी आंगन में ले गया, और उस ने दक्खिनी फाटक को मापकर वैसा ही पाया।
30और इसके चारों ओर के खम्भों का ओसार भी पच्चीस हाथ लम्बा, और पचास हाथ चौड़ा था।
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