जब इस्राएल बालक था, तब मैं ने उस से प्रेम किया, और अपने पुत्रा को मि से बुलाया।
1जब इस्राएल बालक था, तब मैं ने उस से प्रेम किया, और अपने पुत्रा को मि से बुलाया।
2परन्तु जितना वे उनको बुलाते थे, उतना ही वे भागे जाते थे; वे बाल देवताओं के लिये बलिदान करते, और खुदी हुई मूरतों के लिये धूप जलाते गए।।
3मैं ही एप्रैम को पांव- पांव चलाता था, और उनको गोद में लिए फिरता था, परन्तु वे न जानते थे कि उनका चंगा करनेवाला मैं हूं।
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