उस ने उस आनेवाले जगत को जिस की चर्चा हम कर रहे हैं, स्वर्गदूतों के आधीन न किया।
3तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रहकर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुननेवालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ।
4और साथ ही परमेश्वर भी अपनी इच्छा के अनुसार चिन्हों, और अद्भुत कामों, और नाना प्रकार के सामर्थ के कामों, और पवित्रा आत्मा के वरदानों के बांटने के द्वारा इस की गवाही देता रहा।।
5उस ने उस आनेवाले जगत को जिस की चर्चा हम कर रहे हैं, स्वर्गदूतों के आधीन न किया।
6बरन किसी ने कहीं, यह गवाही दी है, कि मनुष्य क्या हैं, कि तू उस की सुधि लेता है? या मनुष्य का पुत्रा क्या है, कि तू उस पर दृष्टि करता है?
7तू ने उसे स्वर्गदूतों से कुछ ही कम किया; तू ने उस पर महिमा और आदर का मुकुट रखा और उसे अपने हाथों के कामों पर अधिकार दिया।
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