अपने किसी भाई को ब्याज पर ऋण न देना, चाहे रूपया हो, चाहे भोजन- वस्तु हो, चाहे कोई वस्तु हो जो ब्याज पर दी जाति है, उसे ब्याज न देना।
19अपने किसी भाई को ब्याज पर ऋण न देना, चाहे रूपया हो, चाहे भोजन- वस्तु हो, चाहे कोई वस्तु हो जो ब्याज पर दी जाति है, उसे ब्याज न देना।
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