तू भले मनुष्यों के मार्ग में चल, और धर्मियों की बाट को पकड़े रह।
18उसका घर मृत्यु की ढलान पर है, और उसी डगरें मरे हुओं के बीच पहुंचाती हैं;
19जो उसके पास जाते हैं, उन में से कोई भी लौटकर नहीं आता; और न वे जीवन का मार्ग पाते हैं।।
20तू भले मनुष्यों के मार्ग में चल, और धर्मियों की बाट को पकड़े रह।
21क्योंकि धर्मी लोग देश में बसे रहेेंगे, और खरे लोग ही उस में बने रहेंगे।
22दुष्ट लोग देश में से नाश होंगे, और विश्वासघाती उस में से उखाड़े जाएंगे।।
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