और जिन्हों ने अपनी ही इच्छा से यरूशलेम में वास करना चाहा उन सभों को लोगों ने आशिर्वाद दिया।
1प्रजा के हाकिम तो यरूशलेम में रहते थे, और शेष लोगों ने यह ठहराने के लिये चिटि्ठयां डालीं, कि दस में से एक मनुष्य यरूशलेम में, जो पवित्रा नगर है, बस जाएं; और नौ मनुष्य और और नगरों में बसें।
2और जिन्हों ने अपनी ही इच्छा से यरूशलेम में वास करना चाहा उन सभों को लोगों ने आशिर्वाद दिया।
3उस प्रान्त के मुख्य मुख्य पुरूष जो यरूशलेम में रहते थे, वे ये हैं; (परन्तु यहूदा के नगरों में एक एक मनुष्य अपनी निज भूमि में रहता था; अर्थात् इस्राएली, याजक, लेवीय, नतीन और सुलैमान के दासों के सन्तान )
4यरूशलेम में तो कुछ यहूदी और बिन्यामीनी रहते थे। यहूदियों में से तो येरेस के वंश का अतायाह जो अज्जिरयाह का पुत्रा था, यह जकर्याह का पुत्रा, यह अमर्याह का पुत्रा, यह शपत्याह का पुत्रा, यह महललेल का पुत्रा था।
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