और अजर्याह, एज्रा, मशुल्लाम,
31तब मैं ने यहूदी हाकिमों को शहरपनाह पर चढ़ाकर दो बड़े दल ठहराए, जो धन्यवाद करते हुए धूमधाम के साथ चलते थे। इनमें से एक दल तो दक्खिन ओर, अर्थात् कूड़ाफाटक की ओर शहरपनाह के ऊपर ऊपर से चला;
32और उसके पीछे पीछे ये चले, अर्थात् होशयाह और यहूदा के आधे हाकिम,
33और अजर्याह, एज्रा, मशुल्लाम,
34यहूदा, बिन्यामीन, शमायाह, और यिर्मयाह,
35और याजकों के कितने पुत्रा तुरहियां लिये हुए : अर्थात् जकर्याह जो योहानान का पुत्रा था, यह शमायाह का पुत्रा, यह मत्तन्याह का पुत्रा, यह मीकायाह का पुत्रा, यह जक्कूर का पुत्रा, यह आसाप का पुत्रा था।
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