इसलिये इसको सुनकर समझ रख, और मेरी इन बातों पर कान लगा।
14यदि वह मनुष्य से अपना मन हटाये और अपना आत्मा और श्वास अपने ही में समेट ले,
15तो सब देहधारी एक संग नाश हो जाएंगे, और मनुष्य फिर मिट्टी में मिल जाएगा।
16इसलिये इसको सुनकर समझ रख, और मेरी इन बातों पर कान लगा।
17जो न्याय का बैरी हो, क्या वह शासन करे? जो पूर्ण धम है, क्या तू उसे दुष्ट ठहराएगा?
18वह राजा से कहता है कि तू नीच है; और प्रधानों से, कि तुम दुष्ट हो।
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