और तीन वर्ष तक अरामी और इस्राएली बिना युठ्ठ रहे।
1और तीन वर्ष तक अरामी और इस्राएली बिना युठ्ठ रहे।
2तीसरे वर्ष में यहूदा का राजा यहोशापात इस्राएल के राजा के पास गया।
3तब इस्राएल के राजा ने अपने कर्मचारियों से कहा, क्या तुम को मालूम है, कि गिलाद का रामोत हमारा है? फिर हम क्यों चुपचाप रहते और उसे अराम के राजा के हाथ से क्यों नहीं छीन लेते हैं?
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