हे बच्चेवालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए।
19हे पतियो, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो।
20हे बालको, सब बातों में अपने अपने माता- पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इस से प्रसन्न होता है।
21हे बच्चेवालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए।
22हे सेवको, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करनेवालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से।
23और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो।
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