और वहां गाय- बैल, वा भेड़- बकरी, वा दाखमधु, वा मदिरा, वा किसी भांति की वस्तु क्यों न हो, जो तेरा जी चाहे, उसे उसी रूपये से मोल लेकर अपने घराने समेत अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने खाकर आनन्द करना।
25तो उसे बेचके, रूपये को बान्ध, हाथ में लिये हुए उस स्थान पर जाना जो तेरा परमेश्वर यहोवा चुन लेगा,
26और वहां गाय- बैल, वा भेड़- बकरी, वा दाखमधु, वा मदिरा, वा किसी भांति की वस्तु क्यों न हो, जो तेरा जी चाहे, उसे उसी रूपये से मोल लेकर अपने घराने समेत अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने खाकर आनन्द करना।
27और अपने फाटकों के भीतर के लेवीय को न छोड़ना, क्योंकि तेरे साथ उसका कोई भाग वा अंश न होगा।।
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