जिस से हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
13उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया।
14जिस से हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
15वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्टि में पहिलौठा है।
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