सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
12सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साय रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपके हुए अपके अपके उद्धार का कार्य्य पूरा करते जाओ।
13क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
14सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
15ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)।
16कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
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